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Sunday, 2 August 2020

मिठाई खिलाने, टीका लगाने से नहीं है कोरोना का खतरा, आइसोलेशन में हैं तो बांधे डिजिटल धागा; राखी बांधने के दौरान 5 बातों का ध्यान भी रखें

कोरोना के दौर में पहली बार भाई-बहन रक्षाबंधन मना रहे हैं। इसके चलते उन्हें कई तरह की सावधानियों का भी ध्यान रखना पड़ रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भाइयों और बहनों को मिठाई खिलाने, टीका लगाने और राखी बांधने जैसे रिवाजों में एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।

लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी के प्रमुख, प्रोफेसर राजेश कुमार कहते हैं कि "वायरस से बचने के लिए आपको ज्यादा नहीं, केवल हाथ धुलने, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे बुनियादी उपाय ही करने हैं।"

राखी और फूड पैकेट्स को लेकर सावधान रहें
सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, वायरस युक्त सतह को छूने के बाद अपने चेहरे, नाक या आंख से लगाकर व्यक्ति कोविड 19 का शिकार हो सकता है। हालांकि, यह वायरस फैलने का मुख्य जरिया नहीं है। अगर आप फूड ऑर्डर कर रहे हैं तो हैंडलिंग को लेकर सावधानी रखें, क्योंकि पैकेजिंग की सतह पर कोरोनावायरस हो सकता है।

बाजार से खरीदे हुए फूड पैकेट्स को अल्कोहल सॉल्यूशन या साबुन और साफ पानी से साफ करें। अगर पैकेट किसी सतह से टच हुआ है तो उस सतह को भी सैनिटाइज या सॉल्यूशन की मदद से साफ करें।

  • मिठाई खाने या टीका लगाने से नहीं फैलता वायरस

प्रोफेसर कुमार कहते हैं कि मिठाई पर वायरस नहीं रह सकता, क्योंकि वायरस को लिविंग टिश्यू जैसी चीजों की जरूरत होती है। इसके अलावा व्यक्ति को संक्रमित होने के लिए बड़ी संख्या में वायरस पार्टिकल्स की जरूरत होती है। कोरोना वायरस आमतौर पर सांस के जरिए नुकसान पहुंचा रहा है। टीका लगाने में भी कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि हल्दी, रोली, कुमकुम वायरस को सपोर्ट नहीं करते हैं।

रक्षाबंधन के दिन इन 5 बातों का रखें ध्यान-

  1. मुमकिन हो तो घर पर ही मिठाई तैयार करें और अगर आप बाहर से खरीद रहे हैं तो स्वीट बॉक्स को उपयोग से पहले सैनिटाइज करें। साफ-सुथरी दुकान से ही मिठाई खरीदें।
  2. बाहर से आने वाली हर चीज जैसे- राखी के पैकेट, गिफ्ट पैकेट, डेकोरेशन को ठीक तरह से सैनिटाइज करें। दुकान से वापस मिले या किसी से प्राप्त नोटों को भी सैनिटाइज करें।
  3. राखी बांधने से पहले भाई-बहन हाथ और मुंह को साबुन से धुल लें। घर के दूसरे सदस्यों को भी हैंडवाश करवाएं।
  4. राखी बांधने, टीका लगाने के दौरान अपने चेहरों को सामने न लाएं। इससे आप एक-दूसरे की सांस और ड्रॉप-लेट्स के संपर्क में आने से बचेंगे। अगर छींक या खांसी आने जैसा महसूस हो रहा है तो थोड़ा रुक जाएं।
  5. अगर फ्लू या सर्दी जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं तो रिश्तेदारों के घर जाने से बचें। अगर जाना बहुत जरूरी है तो वहां कम वक्त रुकने की कोशिश करें। मास्क और दूरी का भी ध्यान रखें।

गले मिलने के दौरान रखें ख्याल

  • रक्षाबंधन पर कई जगहों पर गले मिलने का भी रिवाज है। हालांकि, यह सुरक्षित तो नहीं है, लेकिन कुछ उपाय कर हम जोखिम को कम कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोशिश करें कि गले न मिलें। लेकिन अगर गले मिलना जरूरी ही है तो ध्यान रखें कि आपका मास्क दूसरे व्यक्ति के शरीर या कपड़ों पर न टच करे।
  • गले मिलने के दौरान अपने चेहरे का भी ध्यान रखें। फेस टू फेस होने से बचें। खांसी या छींक आए तो तुरंत दूर हो जाएं, ताकि आप एक-दूसरे की सांस के संपर्क में आने से बच जाएं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, गले जितनी कम देर के लिए मिलेंगे, उतना बेहतर होगा।

अगर भाई-बहन साथ नहीं हैं तो भी कोई बात नहीं

  • महामारी के दौर में हो सकता है कि कोई भाई-बहन बीमारी, आइसोलेशन या ट्रेवल पाबंदियों के कारण एक दूसरे से दूर रह रहे हैं, लेकिन इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचिए। भोपाल स्थित यूनिक काउंसलिंग सर्विसेज के मालिक और साइकोलॉजिस्ट अर्जुन सहाय कहते हैं "रिश्तों में करीब रहना जरूरी नहीं है, एक-दूसरे को स्पेशल फील कराना भी काफी मदद करता है।"
  • सहाय कहते हैं, "एक इंसान को सबसे बुरा एहसास तब आता है, जब उसके आसपास कोई नहीं होता है। हम दूसरे व्यक्ति को यह भरोसा दिला सकते हैं कि हम उनके साथ हैं। ऐसे हालात में परिवार को समर्थन करना चाहिए।" जयपुर में काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट और साइको थैरेपिस्ट डॉक्टर अनामिका पापड़ीवाल के मुताबिक, महामारी के पहले भी अगर भाई दूर होता था तो बहन उनके लिए राखी भेजती थीं। इसी तरह अगर भाई बीमार है या क्वारैंटाइन में है तो उन्हें राखी भेजें।

स्वास्थ्य का ध्यान रखें, क्योंकि साथ है तो हर दिन त्यौहार है
डॉक्टर अनामिका कहती हैं कि "हमें भाई या बहन की हेल्थ का ध्यान सबसे पहले रखना चाहिए, क्योंकि अगर वो स्वस्थ्य रहेंगे तो त्यौहार तो हर दिन होगा। त्यौहार के बजाए स्वास्थ्य को तवज्जो दें। मानसिक मजबूती देने के लिए उनसे जुड़े रहें।"



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